А¤а¤ѕа¤°а¤¤аґ‡а¤‚दഃ А¤їаґѓа¤— { Bhartendu Yug } А¤а¤ѕа¤°а¤¤аґ‡а¤‚दഃ А¤їаґѓа¤— А¤•аґђ А¤µа¤їа¤¶аґ‡а¤·а¤¤а¤ѕ || А¤а¤ѕа¤°а¤¤аґ‡а¤‚दഃ А¤їаґѓа¤— А¤•ഇ А¤°а¤ља¤ёа¤ѕа¤•а¤ѕа¤° Access
पद्य (कविता) के लिए ब्रजभाषा का प्रयोग जारी रहा, लेकिन गद्य (Prose) के लिए खड़ी बोली को अपनाया गया, जो जनता की समझ में आसानी से आ सके।
रचनाकार प्रमुख रचनाएँ भारतेंदु हरिश्चंद्र
जीर्ण जनपद, आनंद अरुणोदय, मयंक महिमा
भारतेंदु युग वह सेतु है जिसने हिंदी साहित्य को मध्यकाल की श्रृंगारिकता से निकालकर आधुनिक काल की वास्तविकता और राष्ट्रीयता से मिलाया। इसी युग में हिंदी पत्रकारिता और नाटक जैसी विधाओं का वास्तविक विकास हुआ।